(N/A) केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई को केंद्रीय उच्चिष्ठ के दोनों ओर स्थित प्रथम निम्निष्ठ (minima) के बीच की दूरी के रूप में परिभाषित किया जाता है।
मान लीजिए कि स्लिट की चौड़ाई $a$ है और स्लिट तथा पर्दे के बीच की दूरी $D$ है।
केंद्रीय उच्चिष्ठ के एक ओर प्रथम निम्निष्ठ के लिए,विवर्तन की शर्त $a \sin \theta = \lambda$ है। चूंकि $\theta$ बहुत छोटा है,$\sin \theta \approx \theta$,इसलिए $\theta = \frac{\lambda}{a}$।
यहाँ,$\theta$ केंद्रीय उच्चिष्ठ की कोणीय चौड़ाई का आधा भाग दर्शाता है।
इसलिए,केंद्रीय उच्चिष्ठ की कुल कोणीय चौड़ाई $2\theta = \frac{2\lambda}{a}$ है।
अब,रैखिक चौड़ाई $\beta_0$ के लिए,हम चाप,त्रिज्या और कोण के बीच के संबंध का उपयोग करते हैं: $\text{चाप} = \text{त्रिज्या} \times \text{कोण}$।
यहाँ,चाप की लंबाई $\beta_0$ है,त्रिज्या $D$ है और कोण $2\theta$ है।
अतः,$\beta_0 = D \times (2\theta) = D \times \frac{2\lambda}{a}$।
इसलिए,केंद्रीय उच्चिष्ठ की रैखिक चौड़ाई $\beta_0 = \frac{2D\lambda}{a}$ प्राप्त होती है।